छत्तीसगढ़ राज्य

थाना प्रभारी की अनूठी पहल, स्कूल में कराया घुमंतू जन​जाति के बच्चों का दाखिला, अब इन बच्चों के जीवन में आएगा बदलाव

दुर्ग। रोशन अब सांप नहीं दिखाएगा और न किरण पन्नी बिनेगी। अब वे भी दिगर बच्चों की तरह स्कूल जाएगें और पढ़ लिखकर साहब बनेंगे। जिले के जेवरा सिरसा एवं भटगांव के घुमंतू जनजाति के करीब एक सौ बच्चों के जीवन में नया बदलाव आने वाला है। जेवरा सिरसा के चौकी प्रभारी की पहल एवं प्रेरणा से अब तक कभी स्कूल नही पहुंचे इन बच्चों को उनके परिजनों ने स्कूल में दाखिला कराया है।स्कूल प्रवेश के दौरान सोमवार को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय पांडे स्वयं इन बच्चों को आशीर्वाद देने स्कूल पहुंचे थे।
जिला मुख्यालय से धमधा रोड पर भटगांव व जेवरा सिरसा में गोंड़, बावरिया,सांवरा व देवार जाति की एक अलग बस्ती है। सांप दिखाकर, भीख मांगकर, कचरा बीनकर व नाच गाना कर ने अपना जीवन यापन करते हैं। घर के बड़ों के इस पेशे में बच्चे भी हाथ बंटाते हैं। इसके कारण इन समुदाय के बच्चों ने आज तक स्कूल का मुंह भी नहीं देखा है। जेवरा सिरसा पुलिस चौकी के प्रभारी सरजूराम धृतलहरे को इसकी जानकारी हुई तो उसने बस्ती में सर्वे कराया तो यह बात निकलकर सामने आई कि बस्ती में तीन से 12 वर्ष उम्र के 131 बच्चे हैं, जो स्कूल नहीं जाते। धृतलहरे ने बच्चों के पालकों से मिलकर उन्हें स्कूल भेजने के लिए प्रेरित किया। नतीजा सकारात्मक रहा। आज इस बस्ती के 96 बच्चों स्कूल में दाखिला कराया गया। स्कूल जाने की खुशी इन बच्चों के चेहरे पर साफ झलक रही थी। पालकों ने भी उन्हें पढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
पुलिस को आमतौर पर चोर बदमाशों को पकड़ने व कानून व्यवस्था की ड्यटी करने वाला ही समझा जाता है। गरीब व घुमंतू बच्चों को स्कूल में दाखिला कराकर पुलिस ने अपना सामाजिक चेहरा भी समाज के सामने प्रस्तुत किया है।श्री धृतलहरे ने बच्चों को स्कूल जाने के लिए प्रेरित करने तथा उनकी निगरानी के साथ ही उनके मार्गदर्शन के लिए दो महिला स्वयं सेविकाओं की भी व्यवस्था की है। शाला में प्रवेश के बाद वे बच्चों को स्कूल पहुंचाने के लिए काम करेगी। साथ ही पढ़ाई लिखाई में दिक्कतों का भी समाधान करेगी।
जेवरा सिरसा चौकी प्रभारी धृतलहरे इसके पहले भी कसडोल व तिल्दा नेवरा में भी समाजिक सरोकार का परिचय देते हुए घुमंतु जनजाति के बच्चों में शिक्षा का अलख जगा चुके हैं। जेवरा सिरसा में भी ऐसी पहल की सूचना मिलने पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय पांडे भी धृतलहरे को शाबासी देने व बच्चों को प्रोत्साहित करने स्वयं स्कूल पहुंचे थे।
भटगांव व जेवरा सिरसा के जनजाति बस्तियों में रहने वाले अधिकांश वे लोग हैं जो दुर्ग नगर निगम द्वारा धमधा नाका क्षेत्र में चलाए गए अतिक्रमण हटाओ अभियान में बेदखल किए गए हैं। जिन लोगों के पास आधार कार्ड व अन्य दस्तावेज है उनको उरला में आईएचएसडीपी आवास मिल गया और शेष बेघर हो गए। ऐसे लोग भटगांव व जेवरा सिरसा में जाकर बस गए। जहां डेरा व छोटी- छोटी झोपड़ियों में वे रहते हैं।

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