छत्तीसगढ़ राज्य

पेपर प्रकाशन के बाद भी नहीं हुई कार्यवाही, अब तक जिला प्रशासन मौन

गुनीराम साहू की रिपोेर्ट
कसडोल।
बीते 2 वर्षों से कसडोल के समाजसेवी लोकनाथ साहू पूरे सबूतों का गट्टा लिए कलेक्टर, कमिश्नर, कोषालय अधिकारी से लेकर मुख्यमंत्री तक कोषालय विभाग में फर्जी प्रमाणपत्र के सहारे नौकरी कर रहे सुरेश प्रजापति एवं तुलाराम ठाकुर के खिलाफ शिकायत की लेकिन आज तक प्रशासन ने आश्वासन के सिवा कार्रवाई नहीं की। दर्जनों शिकायतों के बावजूद आज भी सुरेश और तुलाराम जैसे भ्रष्ट और फर्जी कर्मचारी जमे हुए है, अचरज की बात यह है कि यहां फर्जी प्रमाण पत्र के भरोसे ये कर्मचारी आज पदोन्नत होकर बाबू बन गए हैं।
यह था मामला
सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त जानकारी के अनुसार विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी कसडोल एवं पामगढ़ जिला जांजगीर-चांपा से प्राप्त की गई जानकारी से स्पष्ट हुआ कि पामगढ़ तहसील के ग्राम कामरीद निवासी सुरेश कुमार कुम्हार पिता लालजी का वर्ष 1992-93 में प्राथमिक शाला कामरीद में कुल प्राप्तांक 48.3 प्रतिशत है जबकि विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी पामगढ़ का पत्र क्रमांक 1203 15 दिसम्बर 2017 के अनुसार सरल क्रमांक 6 में अंकित 48 प्रतिशत है , जबकि इनका फर्जी प्रमाण पत्र शासकीय प्राथमिक शाला बरेली वर्ष 1993-94 में कुल प्राप्तांक 98 प्रतिशत है। इसी तरह तुलाराम ठाकुर निवासी ग्राम दलदली तहसील कसडोल का मूल निवासी है इसकी प्राथमिक प्रमाण पत्र शासकीय प्राथमिक शाला दलदली वर्ष 1987-88 में कक्षा 5 वीं कृपोत्तीर्ण से पास हुआ है जबकि इसका फर्जी प्रमाणपत्र शासकीय प्राथमिक शाला सुकली वर्ष 1994-95 में कुल प्राप्तांक 96.5 प्रतिशत है। यहां चयनित अभ्यर्थियों ने प्रशासन को गुमराह करते हुए जिस तरह से चयन किया गया उसमें भ्रष्टाचार के तमाम चरम पार करते हुए प्रशासन को गुमराह कर नौकरी हथियाई, लेकिन आज सवालों के घेरे में फंस चुके हैं।
शिकायतों की लंबी फेहरिस्त
ज्ञात हो कि जबसे यहां सुरेश कुम्हार और तुलाराम ठाकुर ने नियुक्ति ली तब से उनकी मार्कशीट को लेकर विरोध होता आ रहा है। लेकिन मोटी पकड़ बना चुके इन लोगों ने जिस तरह विभागीय अधिकारियों से लेकर शासन प्रशासन को गुमराह करने का काम किया उससे सहज अंदाजा लगाया जा सकता है कि आज दर्जनों शिकायत के बावजूद किसी प्रकार की कार्रवाई नही हो पाई है।
आरटीआई से हुआ खुलासा
जिला कोषालय विभाग में फर्जी प्रमाणपत्र से नौकरी कर रहे की जानकारी जब समाजसेवी लोखनाथ साहू को लगी तो उन्होंने सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 के तहत संचालनालय कोष लेखा एवं पेंशन जिला कोषालय रायपुर से चयनित आवेदकों की सूची मांगी, सूची मिलने के बाद जब आवेदक ने अपने स्तर पर छानबीन की तो कई चौकने वाले तथ्य सामने आये। यहां आरटीआई में मिली जानकारी से स्पष्ट हुआ कि चयनित मुन्नाभाइयों ने फर्जी प्रमाण पत्र के बदौलत नौकरी ली, जिसकी संपूर्ण दस्तावेज के तहत लोखनाथ साहू ने जिलाधीश सहित तमाम अधिकारियों को शिकायत की लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई। वही शिकायतकर्ता ने बताया कि यदि प्रशासन सूक्ष्म जांच करती है तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।
आंदोलन की तैयारी
शिकायतकर्ता लोकनाथ साहू ने आमरण अनशन की चेतावनी दी है, वही प्रशासन को चेताया कि ऐसे फर्जी प्रमाण पत्र से नौकरी कर रहे लोगों पर जिले से टीम गठित कर जांच पड़ताल किया जाए।
न्यायालय का करेंगे रुख
कई बार शिकायत कर चुके शिकायतकर्ता लोकनाथ साहू ने बताया कि हमारी शिकायत को 1 वर्ष से ज्यादा बीत गया है। यदि कलेक्टर के अलावा जिम्मेदार अधिकारी समय रहते कार्यवाही नहीं करते हैं तो जल्द ही न्यायालय की शरण ली जाएगी।
वर्सन
आपके माध्यम से जानकारी मिल रही है जांच कराकर विधिवत कार्रवाई की जाएगी।
जनक प्रसाद पाठक, कलेक्टरए बलौदाबाजार
वर्सन
फर्जी नौकरी से संबंधित शिकायत प्राप्त हुआ था, जिस पर हमारे द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी को प्रमाणपत्र की सत्यापन के लिए पत्र लिखा गया है, जांच चल रही है डीईओ के यहां से सत्यापन के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
दिलीप सिंह, जिला कोषालय अधिकारी बलौदाबाजार
वर्सन
अंकसूची जांच के लिए कोषालय विभाग से आवेदन प्राप्त हुआ था जल्द ही अंकसूची की सत्यापन कर कोषालय विभाग को सूचित किया जाएगा।
डीआर चन्द्राकर, जिला शिक्षा अधिकारी बलौदाबाजार

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