छत्तीसगढ़

अवैध कब्जा तोडऩे में फर्जी पट्टा बना बाधा, व्यवसायिक परिसर के निर्माण में आ रही रूकावट

धनेश्वर साहू
जैजैपुर. जनपद पंचायत जैजैपुर के अंतर्गत ग्राम पंचायत परसाडीह में वहां के सरपंच के द्वारा व्यवसायिक परिसर के लिए भूमि को चिह्यंकन किया गया था, लेकिन पट्टाधारी कुछ लोगों के कारण इस निर्माण में रूकावट हो है. अवैध कब्जा करने वालों के मुताबिक अजीत जोगी के शासनकाल में उन्हें पट्टा वितरित किया गया था जिसमें उस वक्त पद में रहे सरपंच के हस्ताक्षर और सील है.

2000 से 2004 तक सरपंच रहे सरपंच छेदुराम नवरंग पिता हेतराम नवरंग ने शपथ पूर्वक बयान में यह बताया है कि 2000 से 2004 तक के बीच में मुख्यमंत्री रहे जीत जोगी ने वहां पट्टा वितरण नहीं किया है और दस्तावेज में जो हस्ताक्षर और सील है वह मेरा नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि बलराम साहू जो ग्राम पंचायत परसाडीह का निवासी है, जब उसे पट्टा मिला तब वह नाबालिग था, उसे किस आधार पर पट्टा मिला यह जांच का विषय है. इसी तरह 5 अन्य लोगों को भी पट्टा वितरित किया गया है, जो संदेह के घेरे में आता है.

वर्तमान सरपंच तेजराम रत्नाकर ने कहा कि 5 पट्टाधारियों ने व्यवहार न्यायालय एवं तहसील कार्यालय में याचिका दायर की है. जबकि परसाडीह निवासियों का कहना है कि सरपंच ने पहले से ही उस जमीन को व्यवसायिक परिसर के लिए सुरक्षित किया था उसके उपरांत यहां फर्जी पट्टाधारी वहां पर अपना मकान बनाकर रह रहे हैं. बताया जा रहा है कि एक पार्टी भी पट्टाधारियों का साथ दे रही है. हसौद क्षेत्र के नायब तहसीलदार राहुल पांडे ने कहा कि तहसीलदार एवं पूर्व सरपंच के हस्ताक्षर का जांच करने के बाद ही कुछ कहाा जा सकता है. उन्होंने कहा कि फर्जी पट्टेधारी लोग न्यायालय का शरण ले चुके हैं.

अब देखने वाली बात यह है कि बरसात में बना हुआ मकान को सरपंच तुड़वा पाते हैं या नहीं सरपंच का कहना है कि जो भी इस कार्य में रोड़े डाल रहे हैं उसमें एक नेता का नाम सामने आ रहा है. वहीं पर गांव के एक व्यापारी द्वारा दूसरे लोगों को बेजा कब्जा करने में उकसाया जा रहा है और उकसाकर वहां शासकीय भूमि की खरीदी बिक्री हो रही है.

यहां पर शासन के द्वारा लाखों रुपए व्यवसायिक परिसर के लिए स्वीकृत किया गया है उसका उपयोग होगा या नहीं ये न्यायालय के निर्णय के बाद ही साफ हो पाएगा.

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