छत्तीसगढ़

आदर्श ग्राम में शिक्षकों की कमी!

आदर्श ग्राम में शिक्षकों की कमी!
आदर्श ग्राम में शिक्षकों की कमी!

मुंगेली।
जिले के स्कूलों में शिक्षकों की कमी ऐसा ही एक स्कूल है ग्राम डाड़गांव का कहने को तो इस गांव को क्षेत्र के विधायक और प्रदेश सरकार के वरिष्ठ मंत्री पुन्नूलाल मोहले के द्वारा गोद लिया गया है, लेकिन इस गांव में बुनियादी सुविधाओं जैसी कोई बात नहीं है।
-स्कूल सिर्फ शो पीस ही बनकर रह गया
यहां भले ही हायर सेकंडरी तक स्कूल संचालित हो रहा है, लेकिन ये स्कूल सिर्फ शो पीस ही बनकर रह गया है। कारण यहाँ पर शिक्षकों की कमी यही वजह है कि यहां बच्चे आते तो है, लेकिन पढ़ाई नहीं होने के चलते मायूस होकर लौट जाते है।
-सिर्फ मिलता है आश्वासन
इनके द्वारा शिक्षकों की कमी की बात अपने ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों और क्षेत्रीय विधायक से भी कर चुके है, लेकिन सभी ने सिर्फ आश्वासन ही दिया। जिसके चलते इनके सामने अपने भविष्य को लेकर चिंता सताने लगी है।
इसी सब मुद्दे को लेकर सैकड़ों छात्र और छात्राएं आज कलेक्ट्रेट पहुंचे और कलेक्टर एवं जिला शिक्षा अधिकारी से मिलकर शिक्षकों की मांग कि जिसपर अधिकारियों के द्वारा एक बार फिर आश्वासन देकर इनको बिदा कर दिए।
-अब तक नहीं हुई पढ़ाई शुरू
कलेक्ट्रेट पहुंचकर शिक्षकों की मांग कर रहे स्कूली बच्चों ने बताया कि जुलाई महीने से स्कूल सत्र शुरू हो गया है, लेकिन 2 महीने बीत जाने के बाद भी हमारी पढ़ाई शुरू नहीं हो पाई है। एक महीने बाद होने वाले तिमाही परीक्षा में हमारी कोई तैयारी नहीं हो पाई है।
वहीं अधिकारी और नेता हमको सिर्फ आश्वासन ही दे रहे है। ऐसे में हमारे भविष्य का क्या होगा और हम पढ़ लिखकर कुछ बनने का सपना देखे है उसका क्या होगा।
– बच्चों ने कहा-मांगें पूरी नहीं हुई तो करेंगे आंदोलन
स्कूली बच्चों ने साफ तौर पर कहना है कि अगर जिला प्रशासन द्वारा जल्द शिक्षकों की व्यवस्था नहीं करते है तो हमारे द्वारा सड़क पर उतरकर आंदोलन किया जाएगा।
वही स्कूली छात्रों का कहना है कि अगर बुनियादी सुविधा प्रदान नहीं कर सकते तो क्षेत्रीय विधायक को क्या जरूरत थी। हमारे गांव को गोद लेने की सिर्फ कागजों में ही वाहवाही लूटने की वही स्कूली बच्चों के साथ पहुंचे ग्रामीण भी बच्चों की मांग को जायज बता रहे है।
– अधिकारियों की मनमानी
उनका कहना है कि शिक्षा विभाग के अधिकारियो की मनमानी के चलते ही आज हमारे गांव के स्कूल में शिक्षकों की कमी है। उनके द्वारा ही शिक्षकों से लेनदेन कर हमारे गांव में पदस्त शिक्षकों को उनके मनचाहे जगहों पर भेजा गया है।
-क्या बोले जिला शिक्षा अधिकारी
जिसके चलते आज हमारे बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो गया है। वहीं इस बारे में जिला शिक्षा अधिकारी स्कूली बच्चों को हो रहे परेशानी से इत्तेफाक तो रखते है लेकिन शिक्षकों की कमी को कैसे दूर किया जाएगा के सवाल पर बगले झांकते नजर आए और शिक्षकों की कमी के चलते स्कूली बच्चों को हो रही परेशानी को जल्द दूर करने का अपना रटारटाया जवाब प्रस्तुत कर रहे है।
-शिक्षकों की कमी, पढ़ाई ठप
बहरहाल प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में कई योजना बनाकर लाखों रुपए पानी की तरह बहा रहे है, लेकिन जिस तरह से स्कूली बच्चे शिक्षकों की कमी से जूझ रहे है। इससे ये अंदाजा लगाया जा सकता है कि शासन की योजनाओं को जिले के अधिकारी कितना गंभीरता से लेते है।
यही वजह है कि गांव के बच्चे शिक्षा के अपने कानूनी अधिकार से वंचित हो गए है और शिक्षा के विकास के तमाम सरकारी दावे इनके लिए बेईमानी साबित हो रहे है।

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