छत्तीसगढ़

जशपुर में 25 विधायक के लिए दावेदारी…..

जशपुर में 25 विधायक के लिए दावेदारी.....
जशपुर में 25 विधायक के लिए दावेदारी.....

ये वही जशपुरनगर है यहां सियासत की राजनितिक चलती है जूदेव परिवार का रुदबा चलता है जशपुर समेत प्रदेश एवं राजधानी दिल्ली तक चक चलती है.
रोचक बात यह है की जिस जशपुर में कांग्रेस का झंडा लहराने के लिए कार्यकर्ता नही मिलते थे आज वहीं जशपुर में 25 विधायक के लिए दावेदारी कर चुके हैं इसमें तो साफ नजर आता है की जशपुर में फिलहाल कांग्रेस पूरी तरह आगे है
कैसे हुई कांग्रेस जशपुर भाजपा के गढ़ में आगे- आपको बता दें यह परिवर्तन तब हुवा जब जशपुर जिला में एक हिरे की तरह एक जिलाध्यक्ष दिया प्रदेश कांग्रेस ने जी हाँ यह कहना भी गलत नही होगा की जशपुर कांग्रेस को प्रदेश कांग्रेस ने हीरा दिया है.कई बार मंच में कार्यकर्ता भी जिक्र कर चुके हैं..जी हाँ हम उस हीरे की बात कर रहे हैं जो रमन सिंह के दिलो दिमाक में दम कर रखा है,उस हीरे का नाम है जशपुर जिले के मुख्या जिलाध्यक्ष पवन अग्रवाल इनकी कार्यशैली से प्रदेश कांग्रेस इतने खुश हैं की इन्हें दुबारा जशपुर जिले की कमान सौंप दी है और अब तक प्रदेश कांग्रेस की भरोषे पर पवन अग्रवाल खरे उतरे हैं हम इन्हें कांग्रेस का हीरा इसलिए कह रहे हैं क्योंकि यह जिलाध्यक्ष इतिहास में पहली बार जशपुर जिला को मिली है भाजपा के गढ़ में नगरपालिका जशपुर पर कब्जा किया है इससे बड़ा उदाहरण और हो ही क्या सकता है जूदेव परिवार को पराजित किया है इनकी कार्यशैली में कांग्रेस ने। इनके समर्थक वरिष्ट तो हैं ही कहीं उससे कई गुना जादा पुरे जिले भर में युवा इनके फैन हैं कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ जिस तरह से ये व्यवहार बनाकर रखे हैं इसका पूरा लाभ आने वाला विधानसभा चुनाव में मिलेगी।
मुख्यमंत्री रमन सिंह को भी बीजेपी की आंतरिक्ष सर्वे में जशपुर में हार देखने को मिली और रमन सिंह अब सबसे जादा जशपुर को फोकस कर रहे हैं।।
हम अग्रवाल जी का इतनी जादा जिक्र इस लिए कर रहे हैं क्योंकि यह जशपुर एक ऐसा बीजेपी गढ़ है यहां प्रदेश के दिग्गजों की भी दाल नही गलती है लेकिन जशपुर के जिलाध्यक्ष पवन अग्रवाल ने यहां के कांग्रेस कार्यकर्ताओं में इतने जोश जज्बा भर दिए हैं की हर रोज की तरह यहां बीजेपी नेताओं के खिलाप नारेबाजी के साथ पुतला दहन किया जाता है।
आपको बता दें की जिस जशपुर में कांग्रेस का झंडा फहराने के लिए कार्यकर्ता नही खड़े होते थे आज वही जशपुर में 24 घण्टे कांग्रेस की झंडे के साथ कांग्रेस प्रदर्शन से लेकर जमीनी स्तर की लड़ाई लड़ रही है और आज 25 उमीदवार के लिए दावेदारी ठोक दिए हैं। यह माना जाये की कांग्रेस की अब तक की लड़ाई में सबसे बड़ी जीत रही है. हालांकि चुनाव रिजल्ट नही आने तक यह कहना भी गलत होगा की कांग्रेस ही जीतेगी लेकिन अब तक की स्थिति को देखकर यही लगता है की इस बार जशपुर में बीजेपी को आसान नही होगा होगी कांटे की टक्कर।।

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