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स्कूल का नाम बदलवाने 15 लाख रुपये का चेक लेकर याचिकाकर्ता के हाईकोर्ट पहुँचने !

स्कूल का नाम बदलवाने 15 लाख रुपये का चेक लेकर याचिकाकर्ता के हाईकोर्ट पहुँचने !
स्कूल का नाम बदलवाने 15 लाख रुपये का चेक लेकर याचिकाकर्ता के हाईकोर्ट पहुँचने !

बिलासपुर : स्कूल का नाम बदलवाने 15 लाख रुपये का चेक लेकर याचिकाकर्ता के हाईकोर्ट पहुँचने का मामला सामने आया है। मामले में शुक्रवार को याचिकाकर्ता स्कूल का नाम बदलवाकर नेता के मां के नाम में रखने के लिए 15 लाख रुपये लेकर हाईकोर्ट में पहुंचा।
इस पर कोर्ट ने आगामी आदेश तक नेता के मां के नाम का उपयोग नहीं करने का आदेश दिया है।
प्रदेश के एक कदावर नेता ने सरायपाली के शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला का नामकरण अपनी मां शांति देवी पर करने के लिए शिक्षा सचिव को कहा था। शिक्षा सचिव ने यह प्रस्ताव शाला विकास समिति को भेजा। स्कूल समिति ने प्रस्ताव को खारिज कर दिया।
इसके बाद नेता ने 10 लाख रुपये देने की बात कही। इसके बाद स्कूल का नाम उनकी मां के नाम कर दिया गया। इसके पांच माह बाद 10 लाख रुपये दिए गए। इसके खिलाफ स्कूल के सेवानिवृत्त प्राचार्य व शाला विकास समिति के सदस्य चंद्रमणि प्रधान ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की।
याचिका में कहा गया कि रुपये लेकर किसी सरकारी स्कूल का नामकरण करने के संबंध में सरकार की कोई पॉलिसी है तो खुली बोली लगाई जानी चाहिए। पिछली सुनवाई में हाईकोर्ट ने मौखिक रूप से कहा कि याचिकाकर्ता ने प्रसिद्घि पाने के लिए याचिका पेश की है।
कोर्ट ने यह भी कहा आप कितना पैसा दे सकते हैं। 15 लाख दें स्कूल का नामकरण आप के नाम कर दिया जाएगा। मामले को सुनवाई के लिए शुक्रवार को चीफ जस्टिस अजय कुमार त्रिपाठी व जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा की डीबी में रखा गया।
इस दौरान याचिकाकर्ता सेवानिवृत्त प्राचार्य की ओर से कोर्ट के समक्ष 15 लाख रुपये का चेक प्रस्तुत कर स्कूल का नाम बदलने की मांग की गई। इस पर कोर्ट ने कहा कि ऐसा नहीं हो सकता है।
इसके बाद सरकार से पूछा कि क्या सरकारी स्कूल का नामकरण करने की ऐसी पॉलिसी है। इस पर सरकार की ओर से कहा गया कि कोई पॉलिसी नहीं है। इस पर कोर्ट ने स्कूल में आगामी आदेश तक नेता के मां के नाम का उपयोग नहीं करने का आदेश दिया है।

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