छत्तीसगढ़

संजीवनी कर्मचारी की कोशिश से मृत बच्चे को फिर से जीवित कर दिया!

संजीवनी कर्मचारी की कोशिश से मृत बच्चे को फिर से जीवित कर दिया!
संजीवनी कर्मचारी की कोशिश से मृत बच्चे को फिर से जीवित कर दिया!

बिलासपुर.कोई मर के भी जीवित हो सकता है… जी हां, एक ऐसा ही मामला छत्तीसगढ़ के बिलासपुर शहर में हुआ है जहां एक बीमार बच्चे को बचाने के लिए डॉक्टरों और परिजन सभी हार मान गए थे वहीं एक संजीवनी कर्मचारी की कोशिश से मृत बच्चे को फिर से जीवित कर दिया है।
लक्ष्मीनारायण केंवट का 8 वर्षीय बेटा शिवा की ज्यादा तबीयत खराब होने पर उस के पिता ने फोन कर 108 बुलाया। एंबुलेंस की मदद से बच्चे को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया । स्वास्थ्य केंद्र पहुंचते ही डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे गंभीर बताकर सिम्स रेफर कर दिया।
उसी 108 से उसे सिम्स लाया जा रहा था। बच्चे की सांसें टूट रही थी. एंबुलेंस कर्मचारी रामेश्वर महिपाल उसे बचाने में जुट गया। वह बच्चे के पिता की मदद से उसे लगातार ऑक्सीजन से सांस देना शुरू किया।
वह रास्ते भर ऐसे करते हुए बच्चे को बचाने की कोशिश करता रहा। एम्बुलेंस सिम्स पहुंची तो बच्चे को इमरजेंसी में लाया गया। मौजूद डाॅक्टरों ने बच्चे की जांच की तो बच्चे का हार्ट बीट बंद हो गई थी और उसे मृत घोषित कर दिया गया।
इधर, रामेश्वर महिपाल को लगा कि शायद बच्चे में जान आ सकती है। उसने उम्मीद नहीं छोड़ी। वह सिम्स में ही बच्चे को ऑक्सीजन से सांस देना शुरू कर दिया। उसकी कोशिश से बच्चे की सांसें फिर लौट आई और धड़कने शुरू हो गईं।
रामेश्वर ने इसकी जानकारी डॉक्टरों को दी तो उन्होंने बच्चे की नब्ज देखी। तो नब्ज तेजी से चल रहा था। बच्चे को सिम्स में ही एडमिट कर दिया गया। कुछ देर इलाज करने के बाद उसे मेकाहारा रायपुर रेफर कर दिया गया है।
उसे फिर रामेश्वर के एंबुलेंस में ही रायपुर भेजा गया है। एंबुलेंस सेवा (इएमटी) के जोनल अफसर अमरेंद्र कुमार के अनुसार रामेश्वर महिपाल ने हाल में ही एंबुलेंस सेवा में नौकरी ज्वाइन की है। उसे विपरीत परिस्थितियों में प्राथमिक इलाज कर लोगों की जान बचाने की ईएमटी ने ट्रेनिंग ली है।

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